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Afghans ne Karwa di Munir ki Patloon Gili l अफ़गानियों ने करवा दी मुनीर की पतलून गीली

Channel: Defence Detective

है। तमाम परवाजों को लैंडिंग और टेक ऑफ से

रोक दिया गया है।

ड्रोंस का इस्लामाबाद पहुंच जाना, गुहा

टेंट पहुंच जाना यह एक अलार्म है।

इस वक्त खबर यह है कि इस्लामाबाद एयरपोर्ट

को परवाजों के लिए बंद कर दिया गया है।

तमाम परवाजों को लैंडिंग और टेक ऑफ से रोक

दिया गया है।

दोस्तों, ऐसी बेइज्जती तो भारत ने भी

मुनीर की नहीं की जितनी कि अफगान तालिबान

ने कर डाली है। अफगानियों ने मुनीर की

पतलूून गीली करवा दी है। और मियां शहबाज

की जुबान हलक में अटकी हुई है दोस्तों

क्योंकि अफगानिस्तान के ड्रोन अब

इस्लामाबाद तक पहुंच चुके हैं। 13 मार्च

को अफगानिस्तान की ड्रोन स्ट्राइक ने

रावलपिंडी और इस्लामाबाद में खलबली मचा

दी। इस्लामाबाद और रावलपिंडी में रात भर

एंटी एयरक्राफ्ट गंस अफगान ड्रोंस को शॉट

डाउन करने के लिए चलती रही।

अंदर ही चलो मेरा ख्याल है।

नहीं तो

रात भर पाकिस्तान एयरफोर्स के जेट्स

पेट्रोलिंग करते रहे।

आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि अफगानिस्तान

के इन ड्रोंस को शट डाउन करने के लिए

पाकिस्तान को अपने F16 जेट्स इस्तेमाल

करने पड़ गए और यह पाकिस्तान ने खुद बताया

है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने

अफगानिस्तान के ड्रोन अटैक को नाकाम बना

दिया और सारे के सारे ड्रोंस को इंटरसेप्ट

कर डाला। पहली बात तो यह कि पाकिस्तान का

यह दावा झूठा है क्योंकि ड्रोंस तो हिट हो

गए हैं और उनके वीडियो और तस्वीरें

पाकिस्तानियों ने सोशल मीडिया पर खूब

वायरल की हैं। एक ड्रोन तो इस्लामाबाद के

बेहद सेंसिटिव ज़ोन i9 में जाकर गिरा है।

बम गिरा है भाई इस्लामाबाद आई में। ऑफिस

के बाहर शीशे सारे टूट गए हैं।

ये देखो जी।

की बात है

इस साइड पे गिरा है। ये देखिए ना ये सारे

शीशे टूट गए हैं। इस्लामाबाद में पुलिस

वाले भी बंदूक लेकर आसमान की तरफ निशाना

साधते देखे गए हैं। और इसी के बाद

इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशंस

रोक दिए गए। अराइवल फ्लाइट्स को डायवर्ट

कर दिया गया। डिपार्चर फ्लाइट्स को डिले

कर दिया गया। इस्लामाबाद के मुफ्त जगहों

के ऊपर ड्रोन अटैक किए गए हैं। मारगिला

वाली साइड के ऊपर किया गया है और इसको

नाकारा बनाया गया है। इसके अलावा हुकाम की

तरफ से ये अलर्ट जारी किया गया कि इस

एयरपोर्ट में जो दीगर जो परवाजे आ रही है

उनका रुख तब्दील कर दिया गया। उन्हें दीगर

एयरपोर्ट की तरफ भेजने के अहमात जारी कर

दिए गए हैं। जहां से उनको लैंडिंग से रोक

दिया गया है और इस्लामाबाद की एयर स्पेस

को भी बंद किया गया है। कोई सोच भी नहीं

सकता था कि अफगानिस्तान के ड्रोन

वो पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के

एयरपोर्ट को ठप कर देंगे, बंद कर देंगे।

लेकिन ऐसा हो चुका है और दुनिया की नंबर

वन आर्मी इसे रोक नहीं पाई। पाकिस्तान का

फील्ड मार्शल इसे रोक नहीं पाया। घंटों तक

इस्लामाबाद के एयरपोर्ट पर अफरातफरी मची

रही। फ्लाइट ऑपरेशंस ठप रहे। इतना ही नहीं

अफगानियों ने फील्ड मार्शल मुनीर के घर

में घुसकर हमला किया है। इस्लामाबाद के

हमजा मिलिट्री कैंप को भी इस ड्रोन

स्ट्राइक में निशाना बनाया गया है और यह

हमजा मिलिट्री कैंप जो है बड़ा खास है।

कुछ पाकिस्तानी जर्नलिस्ट बता रहे हैं कि

यहां आईएसआई के सेंटर्स हैं जिसे ड्रोन

हमले में टारगेट करने की कोशिश की गई है।

11 ड्रोंस जो है वो आज के दिन में यहां पे

मार गिराए गए हैं। और इस्लामाबाद में जो

आए हैं वो फैजाबाद जो आईएसआई का एक

सेंटर है उसको टारगेट करने की कोशिश की

गई। ये भी नाकाम हो गई। मैप पर हमजा कैंप

की लोकेशन देखिए। ये इस्लामाबाद के

फैजाबाद एरिया में पड़ता है। अब जरा ये

देखिए। यह रावलपिंडी का क्रिकेट स्टेडियम

है। यानी यह इलाका इस्लामाबाद और

रावलपिंडी के बीचोंबीच पड़ता है। हमजा

कैंप से पाकिस्तानी आर्मी का हेड क्वार्टर

जीएचक्यू केवल और केवल दोस्तों 7 से 8

कि.मी. की दूरी पर है। आपको याद है ना

चकलाला एयरबेस रावलपिंडी के इसी एयरबेस पर

तो भारत ने मिसाइल गिराई थी। यह एयरबेस भी

हमजा कैंप से महज 8 कि.मी. की दूरी पर है।

एक ड्रोन इस्लामाबाद के i9 में गिरा था।

अब मैप में उस लोकेशन को देखिए। यह लाल

घेरे में है। i9 यही एक प्राइवेट ऑफिस के

बाहर ड्रोन गिरा है। अब यहां से हमजा कैंप

और जीएचक्यू दोनों बहुत करीब हैं। अब समझ

में आया आपको कि अफगानिस्तान के इन ड्रोंस

को शट डाउन करने के लिए पाकिस्तान ने अपने

F16 जेट्स मैदान में क्यों उतारे? क्योंकि

ये ड्रोंस जीएचक्यू को भी हिट कर सकते थे।

वैसे हमजा कैंप का अफगानिस्तान से भी बहुत

पुराना वास्ता है। बताया जाता है कि रूस

की फौज से लड़ने के लिए पाकिस्तान ने इसी

कैंप में अफगान मुजाहदीनों को ट्रेनिंग दी

थी।

वो हमजा कैंप है। फैजाबाद में पिंडी और

इस्लामाबाद की सरहद पे हमजा कैंप है। और

ये हमजा कैंप वो है जो आज की नस्ल के

लोगों को नहीं पता होगा। जहां पे जब

सोवियत यूनियन ने कब्जा किया था

अफगानिस्तान पे और मुजाहदीन वहां पर लड़

रहे थे अफगानिस्तान में और पाकिस्तान उनकी

मदद कर रहा था और यहां पे मुहाजरीन लाखों

की तादाद में मौजूद थे। तो यहां से उनकी

हेल्प की जाती थी। यहां असल का बहुत बड़ा

डेपो था जहां से असल इन मुजाहदीन को दिया

जाता था। और अब वही कैंप अफगानिस्तान का

प्राइम टारगेट बन चुका है। पाकिस्तान भले

ही अपनी पीठ थपा रहा है, डींगे आक रहा है

कि उसने अफगानिस्तान के ड्रोन हमलों को

नाकाम कर दिया। लेकिन दोस्तों, हकीकत तो

यह है, सच तो यह है कि पाकिस्तान के एयर

डिफेंस का एक बार फिर सबसे बड़ा फेलर दिख

गया है। अफगानिस्तान के ड्रोंस का

इस्लामाबाद और रावलपिंडी तक पहुंचाना

पाकिस्तान के गाल पर झन्नाटेदार तमाचा है।

अफगानिस्तान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने तभी

अपने ड्रोन स्ट्राइक के वीडियो को पोस्ट

कर इसे बड़ी कामयाबी बताया है। अब दोस्तों

आपको एक और मैं बहुत दिलचस्प बात बताता

हूं। वो यह कि 13 मार्च की शाम जब

अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद पर ड्रोन

स्ट्राइक की उसी दिन उसने खैबर पख्तून

ख्वा के कुहाट में भी ड्रोन हमले किए थे।

यह हमले सुबह होने से पहले शुरू हो गए थे।

पूरे इलाके में खतरे का सायरन घंटों तक

बजता रहा था। घंटों तक एयर डिफेंस की गनें

आसमान में फायर करती रही। असल में

अफगानिस्तान नेहाट में भी पाकिस्तानी

आर्मी के कैंप को ही निशाना बनाया था। में

अफगानी ड्रोंस का जबरदस्त खौफ देखा गया।

दोस्तों पुलिस और सिक्योरिटी एजेंसी से

जुड़े लोगों ने डर के मारे पूरे बाजार को

बंद करवा दिया।

जिन लोगों ने दुकान खोलने की कोशिश की तो

पुलिस वालों ने धमका कर बकायदा धमकी देकर

जबरन उनकी दुकान बंद कर दी। बंद करो बंद

करो।

असल में कोहाट और इस्लामाबाद में

अफगानिस्तान की ड्रोन स्ट्राइक पाकिस्तान

के उस मिसाइल और आर्टिलरी हमले का जवाब था

जो उसने पिछले 48 घंटों में किए हैं।

अफगानिस्तान के ऊपर। काबुल, नंगरहार,

पतिया, पकिका और कांधार पर पाकिस्तान ने

जबरदस्त स्ट्राइक की। तो न्यूज़ के

मुताबिक पाकिस्तान के हमले में काबुल में

चार लोगों की जान चली गई। नंगरहार में एक

महिला और एक बच्चे की मौत हो गई। जबकि

कांधार में सिविलियन एयरपोर्ट के फ्यूल

स्टोरेज को निशाना बनाया गया। और इसी के

बाद अफगानिस्तान ने भी कोहाट और

इस्लामाबाद पर ड्रोन स्ट्र्राइक्स की। अब

यह कहा जा रहा है कि क्या यह ड्रोन

स्ट्राइक वाकई अफगानिस्तान की सीमा से की

गई? यानी कि अफगानिस्तान से उन्हें

भेजा गया या फिर इन्हें इस्लामाबाद या

आसपास के इलाकों से ही ल्च किया गया। यानी

कि भीतर से पाकिस्तान के। अब जो उसकी

इन्वेस्टिगेशन हो रही है कि वो ड्रोन

अफगानिस्तान से यहां पहुंचे हैं या यहां

से अंदर से ही जो ये स्लीपर सेल है इन

दहशत गर्दों के उनमें किससे किसी ने चलाए

हैं और गर्दी ड्रोंस के जरिए ये एक बड़ी

खतरनाक चीज है और इन ड्रोंस का इस्लामाबाद

पहुंच जाना कोहाट कैंट पहुंच जाना ये एक

अलार्म है खतरे का अलार्म है

और केवल बात इतनी नहीं है बॉर्डर पर

पाकिस्तान अफगानिस्तान के बीच जो जंग चल

रही है वो अलग ड्रोन और एरियल स्ट्राइक हो

रही है वो अलग लेकिन पाकिस्तान में सिक

सिक्योरिटी फोर्सेस को भी निशाना बनाए

जाने का सिलसिला लगातार जारी है। खैबर

पख्तूनखा के लक्की मारवात में 13 मार्च को

एक आईडी ब्लास्ट में पुलिस की गाड़ी को

उड़ा दिया गया। जिसमें एसएओ समेत सात

पुलिस वाले मारे गए। तो भले ही पाकिस्तान

यह दावा कर रहा हो कि उसने अफगानिस्तान के

ड्रोन स्ट्राइक को नाकाम बना दिया है। यह

प्रोपेगेंडा कर रहे हैं अफगानिस्तान वाले।

ये पाक मीडिया कह रही है। लेकिन सच यही है

कि अब खतरा पाकिस्तान के अंदर तक नहीं।

पाकिस्तान के हाई सिक्योरिटी वाले इलाकों

तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में

पाकिस्तान के हालात बहुत भयानक होने वाले

हैं और तालीबान तो पहले भी पाकिस्तान को

चेतावनी दे चुका है कि अफगानिस्तान पर

हमले का अंजाम वो सालों तक भुगतने वाला

है। दोस्तों आप क्या कहते हैं? कमेंट

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